Moral Story in Hindi Class 5 बूढ़े बाप और बेटे की कहानी

बूढ़े बाप और बेटे की कहानी

Moral Story in Hindi Class 5 : हैलो दोस्तों स्वागत है। आपका मेरी नई पोस्ट Moral Story in Hindi Class 5 में तो आज हम आपको बताने जा रहे है मोरल स्टोरी के बारे में जो की आपको बहुत ही पसन्द आएगी।
यह स्टोरी आपको और आपके बच्चो को नई सीख देगी। और कहानियो का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व होता है ,

Moral Story in Hindi Class 5

जैसे की आप सभी अपने बचपन से ही किसी ना किसी रूप में कहानी सुनते आये है। जिसके कारण हम अपने जीवन में कुछ अच्छी – अच्छी सीख सकते है तो ज्यादा देर ना करते हुए हम कहानी को पढ़ते है।

Moral Story in Hindi Class 5

बूढ़े बाप और बेटे की कहानी

Moral Story in Hindi Class 5 : एक बूढ़ा आदमी दाखिल हुआ ,ताकि अपने बेटे की शिकायत कर सके ,जज साहब ने पूछा ,”आप को अपने बेटे से क्या शिकायत है। “बूढ़े बाप ने कहा की ,में अपने बेटे से उसकी हैसियत के हिसाब से खर्च मांगता हूँ। “जज साहब ने कहा की ,यह तो आपका हक़ है। इसमें कोई शिकायत की जरूरत नहीं है ,आपके बेटे को वैसे भी आपको हर महीने खर्चा देना ही होगा। “बाप ने कहा ,” में बहुत ही मालदार हूँ और मेरे पास पैसो की कोई कमी नहीं है

लेकिन फिर भी में अपने बेटे से हर महीने अपना खर्चा लेना चाहता हूँ। चाहे वह कम ही क्यों न हो ?”जज साहब आष्चर्य होकर और बाप से कहने लगे ,”अगर आप इतने मालदार है तो आपको अपने बेटे के पैसे की क्या जरूरत है।

‘” बाप ने अपने बेटे का नाम और पता देते हुए कहा , आप मेरे बेटे को अदालत में बुलाएँगे तो आप को सब की कुछ पता चल जाएगा। ” जब बेटा अदालत में आया तो जज साहब ने कहा की ,” आपके पापा आप से हर महीने खर्चा लेना चाहते है चाहे वह काम ही क्यों न हो। “

बेटा जज साहब की बात सुन कर अस्चर्य हो कर कहने लगा , ” मेरे पिता जी तो बहुत ही मालदार है ,उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है फिर उन्हें मेरे पैसे की क्या जरुरत है। ” जज साहब ने कहा , ” यह तुम्हारे पिता जी की मांग है ,और वह अपनी मांग में स्वतंत्र है। “

पिता जी ने – ” जज साहब से कहा ,” जज साहब आप मेरे बेटे से कहिए की वह हर माह मुझे 100 रुपए दे अपने हाथो से बिना किसी देरी के , जज साहब ने कहा – ” बिल्कुल ऐसा ही होगा। ” फिर जज साहब ने बूढ़े आदमी के बेटे से कहा , ” तुम अपने पिता जी को हर महीने बिना किसी देरी के 100 रुपए उनके हाथो में रख दिया करना यह अदालत तुम्हे हुकम देती है। “

मुकदमा ख़त्म होने के बाद जज साहब पिता को अपने पास बुलाते है ,उन्होंने उस बूढ़े आदमी से पूछा – “अगर आप बुरा न मानो तो में आप से एक बात पूछना चाहता हूँ। आपने अपने बेटे के खिलाफ यह कैश क्यों किया है ?

जबकि आप तो मालदार है , अपने बेटे से बहुत ही छोटी कीमत की मांग है। “
बूढ़े आदमी ने रोते हुए कहा , ” जज साहब में अपने बेटे का चेहरा देकने के लिए तरस गया था। वह अपने कामों में इतना व्यस्थ रहता है की एक जमाना गुजर गया उस से मिले हुए और न जाने कितना वक्त गुजर गया उस से बात किये हुए। “

न मेने अपने बेटे से बात की सामने बैठ कर ,और ना ही मोबाइल पर मुझे अपने बेटे से बहुत ही मोहबत है। इस्लिये मैने अपने बेटे पर यह कैश कर दिया ,ताकि वह हर माह ही सही मेरे सामने तो आ जाया करेगा। में उसे देख कर खुश हो लिया करुगा। “

उस बूढ़े की बात को सुन कर जज साहब की आँखो में आँसू आ गए साहब ने कहा की, “जज साहब ने कहा – अगर आप मुझे यह बात पहले बताते में आपके बेटे को नजर अंदाज करने और आपका ख्याल ना रखने के जुर्म में सजा दिलवा देता। “

बूढ़े पिता जी साहब की और देकते हुए मुस्कुराकर देकते हुए कहा – “अगर आप मेरे बेटे को सजा दिलवा देते तो यह मेरे लिए बहुत ही दुःख की बात होती। की सच में अपने बेटे से बहुत ही महोबत करता हूँ और में हरगिश नहीं चाहुगा ,फिर मेरी वजह से उसे कोई सजा मिले।

उसे कोई तकलीफ पहुंचे। ” काश की बच्चो को यह पता चल जाये की उनके माता – पिता उनसे कितनी महोबत करते है ,वक्त रहते वह उनकी बातो को समझ जाये। ” Moral Story in Hindi Class 5

सिख : हमें अपने माता – पिता की कदर करनी चाहिए।

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Moral Story in Hindi Class 5

Old Father And Son Story

Moral Story in Hindi Class 5 : Hello friends welcome. In your new post, Moral Story in Hindi Class 5 today we are going to tell you about Moral Story which you will like very much.
This story will give new lesson to you and your children. And stories have great importance in our life.

Moral Story in Hindi Class 5
Moral Story in Hindi Class 5

As you all have been listening to stories in one form or the other since your childhood. Because of which we can learn something good in our life, so without delaying much, we read the story.

Moral Story in Hindi Class 5

An old man entered, so that he could complain about his son, the judge asked, “What complaint do you have with your son?” “The judge said that this is your right. There is no need to complain about it, anyway your son will have to give you expenses every month.” There is no shortage

But still I want to get my expenses from my son every month. Even if it is less?” The judge was surprised and said to the father,” If you are so rich then why do you need your son’s money.

‘” The father gave his son’s name and address and said, “If you call my son to the court, you will know everything.” When the son came to the court, the judge said, “Your father will Wants to take the expenses of the month even if it is work.

The son was surprised to hear the judge’s words and said, “My father is very wealthy, he has no shortage of money, then why does he need my money.” The judge said, “This is your father. G has demands, and is free in his demands.”

Father – “Told the judge,” Judge sir, you tell my son to give me 100 rupees every month with his own hands without any delay, the judge said – “It will happen exactly like that.” Then the judge said Told the old man’s son, “This court orders you to hand over 100 rupees to your father every month without any delay.” Moral Story in Hindi Class 5

After the case is over, the judge calls the father to him, he asked the old man – “If you don’t mind, I want to ask you one thing. Why have you done this cash against your son?”

While you are rich, you demand a very small price from your son. ,
The old man cried and said, “Judge Sahib yearned to see his son’s face. He is so busy with his work that it has been a while since I met him and I don’t know how much time has passed since I talked to him.” happened.”

Neither I talked to my son sitting in front of him, nor on mobile, I have a lot of love for my son. That’s why I deposited this cash on my son, so that he would come right in front of me every month. I will be happy to see him. ,

Tears welled up in the eyes of the judge after listening to that old man’s words, the judge said, “The judge said – If you tell me this earlier, your son will be punished for neglecting you and not taking care of you. Gives.

While looking at the old father, he said with a smile – “If you had punished my son, it would have been a matter of great sorrow for me. I really love my son very much and I would not want to, Then because of me he will get some punishment.

He got hurt. “I wish the children come to know that how much their parents love them, they understand their words in time.” Moral Story in Hindi Class 5

Sikh: We should respect our parents

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